प्रधान न्यायाधीश ने अदालतों में भीड़भाड़ को संज्ञान में लिया

नयीदिल्ली,22जनवरी(भाषा)भारतकेप्रधानन्यायाधीश(सीजेआई)एसएबोबडेनेबुधवारकोसंशोधितनागरिकताकानूनकेखिलाफ140सेयाचिकाओंकीसुनवाईकेदौरानअदालतकेकमरेमेंभीड़भाड़कोसंज्ञानमेंलियाऔरकहाकिइससंकटसेनिपटनेकेलिएएकव्यवस्थाबनानेकीजरूरतहै।सीजेआईऔरन्यायमूर्तिएसएनजीरऔरन्यायमूर्तिसंजीवखन्नाकीपीठसीजेआईकीखचाखचभरीअदालतमेंबैठेथे,औरजबवहवरिष्ठअधिवक्ताकपिलसिब्बलकीदलीलोंकोनहींसुनपाएतोउन्होंनेअपनीअप्रसन्नताव्यक्तकी।पीठनेकहा,“भीड़भाड़एकगंभीरसमस्याबनगईहैऔरइससेधक्का-मुक्कीकीघटनाएंहोतीहैं।”इसपरसीएएमामलेमेंकेंद्रकाप्रतिनिधित्वकररहेअटॉर्नीजनरलकेकेवेणुगोपालनेकहा,“इससमस्याकासामनाहमनकेवलअदालतोंमें,बल्किगलियारोंमेंभीकररहेहैं।”सूचीबद्धमामलोंकीसुनवाईशुरूकरनेसेपहलेसीजेआईनेकहाकिवहभीड़भाड़औरशोर-शराबेकीसमस्याकासमाधानखोजनेकेलिएजल्दहीअग्रिमपंक्तिमेंबैठेवरिष्ठवकीलोंकीबैठकबुलाएंगे।वरिष्ठअधिवक्ताइंदिराजयसिंहऔरराजीवधवननेअदालतोंमेंगरिमाबनाएरखनेकेलिएऔरधक्का-मुक्कीरोकनेकेलिएकुछसुझावदिए।सिब्ब्लनेकहाकिसुप्रीमकोर्टबारएसोसिएशन(एससीबीए)कोइसमामलेमेंशामिलकियाजासकताहै,ताकिवकीलोंद्वारानियमोंऔरअनुशासनकोसुनिश्चितकियाजासके।